Azam Khan Health शदीद सर्दी जेल में आज़म खान साहब बीमार है उनके लिए दुआ कीजिए
शदीद सर्दी के इस मौसम में जेल की सख़्त परिस्थितियाँ किसी भी बुज़ुर्ग इंसान की सेहत पर गहरा असर डाल सकती हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान, जिनकी उम्र भी काफ़ी हो चुकी है, इन दिनों जेल में ठंडे फर्श और पतले कंबल के बीच रह रहे हैं। ऐसे हालात में उनकी तबीयत का बिगड़ना चिंता का विषय बन गया है। समर्थकों और चाहने वालों से उनके लिए दुआ की अपील की जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सर्दी बहुत शदीद है Azam Khan की उमर भी है जेल के ठंडे फर्श ओर पतले कंबल में तबियत खराब होना लाज़िम है दुआ कीजिए उनके लिए |

रामपुर जेल में बंद सपा नेता आज़म ख़ान साहब की तबीयत अचानक बिगड़ने की ख़बर है
और उन्होंने जेल में पहुंची डॉक्टरों की टीम से जांच कराने से मना कर दियाउनके लिए दुआओं का सिलसिला कम न होने देना भाइयों उनकी तबियत बहुत अच्छी नहीं है।
क्या हुआ?
रामपुर ज़िला जेल में सज़ा काट रहे आज़म ख़ान साहब की तबीयत शनिवार को अचानक खराब बताई गई, उन्हें सांस‑संबंधी और अन्य पुरानी बीमारियों की दिक्कतें पहले से हैं।
तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने ज़िला अस्पताल से जनरल फिज़ीशियन और सर्जन सहित डॉक्टरों की टीम को तुरंत जेल बुलाया।
डॉक्टरों की टीम जब बैरक में आज़म ख़ान साहब की जांच के लिए पहुंची तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर मेडिकल चेक‑अप कराने से इनकार कर दिया। जांच न करा पाने की वजह से डॉक्टर बिना उपचार किये वापस लौट गए, जिससे प्रशासन के साथ‑साथ परिवार और समर्थकों की चिंता और बढ़ गई।
बताया जा रहा है कि आज़म ख़ान साहब पिछले कुछ समय से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और पहले भी दिल्ली के अस्पताल में उनका इलाज हो चुका है।
जेल प्रशासन का कहना है कि उन्हें समय‑समय पर दवाइयाँ और ज़रूरी सुविधाएँ दी जा रही हैं, लेकिन वे बार‑बार विस्तृत मेडिकल जांच से दूरी बना रहे हैं, जिस वजह से उनकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति का सही आकलन मुश्किल हो रहा है।
आज़म ख़ान साहब और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म साहब को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में सात‑सात साल की सज़ा सुनाई गई है और दोनों इस समय रामपुर जेल में बंद हैं।

अभियोजन पक्ष ने इसी मामले में सज़ा बढ़ाने के लिए अपील भी दायर की है, जबकि दूसरी ओर पुराने विवादित बयान और अन्य मामलों की सुनवाई की तारीखें भी नज़दीक हैं, जिससे उन पर कानूनी दबाव लगातार बना हुआ है।
फिलहाल जेल प्रशासन उनकी सेहत पर नज़र रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल रेफर करने की बात कही जा रही है, हालांकि आधिकारिक विस्तृत स्वास्थ्य बुलेटिन अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार परिवार और समर्थक उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं और लगातार अपडेट ले रहे हैं, जबकि डॉक्टरों का मानना है कि नियमित जांच और इलाज से ही स्थिति बेहतर हो सकती है।

