google-site-verification=XiEBeofVSvCifgkcZ4LITy--_oeJaBQZus5PBss3HhI google-site-verification=XiEBeofVSvCifgkcZ4LITy--_oeJaBQZus5PBss3HhI
Breaking
Mon. Jun 22nd, 2026

Azam Khan जो ज़ुल्म हो रहा है मुझपर मेरे बच्चे पर मेरी हार नहीं है बल्कि वो इम्तेहान है जिसमें मेरी मदद मेरा अल्लाह कर रहा है

azam khan rampur jail
azam khan rampur jail

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Azam Khan जो ज़ुल्म हो रहा है मुझपर मेरे बच्चे पर मेरी हार नहीं है बल्कि वो इम्तेहान है जिसमें मेरी मदद मेरा अल्लाह कर रहा है

azam khan rampur jail
azam khan rampur jail

 

ए मालिक,
बस इतना करम कर कि ज़ुबान से हमेशा यही निकले
अल्लहम्दु lillah, हर हाल में तेरा शुक़्र है
चाहे सीने पर बोझ हो या आँखों में आँसू,
दिल तुझसे कभी शिकवा न करे,
सिर्फ़ तेरे फैसलों पर सर झुका कर रज़ामन्द रहे।

कभी-कभी ज़िन्दगी हमें ऐसी राह पर ले जाती है, जहां इंसान टूट जाता है, दिल थक जाता है और सांसें भी बोझ लगने लगती हैं। ज़ुल्म करने वालों को लगता है कि वो हमें कमज़ोर कर देंगे, हमारी आवाज़ को दबा देंगे, हमारी रूह से हिम्मत छीन लेंगे।
मगर उन्हें क्या पता कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें दबाने की कोशिश में, वो और ऊँचे उठा दिए जाते हैं।

मैंने यही सीखा है हमेशा
अपने रब के सिवा किसी के आगे कभी सर न झुकने पाएजिन्होंने मेरा दिल दुखाया, जिन्होंने मेरी राह में काँटे बिछाए उनके ज़ुल्म ने मुझे तोड़ा नहीं, बल्कि मेरे अल्लाह के और क़रीब कर दिया।
दुनिया ने जब धोखा दिया, तब मैंने सजदा किया।
जब रिश्तों ने मुँह मोड़ लिया, तब मैंने दुआओं में पनाह ढूंढी।
जब सबने कहा तुम अकेले हो तब मेरे दिल ने जवाब दिया

 

 

अल्लाह मेरे साथ है।azam khan

और अजीब बात यह है कि दर्द देने वाले सोचते हैं कि उन्होंने जीत हासिल कर ली है
लेकिन असल जीत मेरी थी क्योंकि मैंने शिकवा नहीं किया, सब्र किया।
मैं गिरा नहीं, बल्कि रब के ओर करीब हो गया।
मैं टूटा नहीं बल्कि ईमान में ओर मज़बूत हो गया।

आज जब मैं अपने पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो समझ आता है कि ये जो ज़ुल्म हो रहा है मुझपर मेरे बच्चे पर मेरी हार नहीं है बल्कि वो इम्तेहान है जिसमें मेरी मदद मेरा

अल्लाह कर रहा है हर हाल में पीछे मेरा रब खड़ा है और मुझे हौसला ओर हिम्मत दे रहा है ।।

 

Related Post