आज़म ख़ान साहब ओर मोदी जीआज़म ख़ान साहब ओर मोदी जी

आज़म ख़ान साहब ओर मोदी जी जिनके एक हाथ में गीता है जो कर्म कर्तव्य और धर्म का संदेश देती है और दूसरे हाथ में मुस्लिम भाई का हाथ जो भरोसे सम्मान और अपनापन दर्शाता है।

आज़म ख़ान साहब ओर मोदी जी
आज़म ख़ान साहब ओर मोदी जी

यह दृश्य केवल एक कल्पना नहीं बल्कि भारत की आत्मा की पुकार है। आज़म ख़ान साहब ओर मोदी जी जिनके एक हाथ में गीता है जो कर्म कर्तव्य और धर्म का संदेश देती है और दूसरे हाथ में मुस्लिम भाई का हाथ जो भरोसे सम्मान और अपनापन दर्शाता है।

एक ओर मोदी जी जिनके एक हाथ में गीता है जो कर्म कर्तव्य और धर्म का संदेश देती है और दूसरे हाथ में मुस्लिम भाई का हाथ जो भरोसे सम्मान और अपनापन दर्शाता है।
दूसरी ओर आज़म ख़ान साहब जिनके एक हाथ में क़ुरान है जो इंसाफ़ इंसानियत और अमन का पैग़ाम देता है और दूसरे हाथ में अपने हिंदू भाई का हाथ जो यह बताता है कि मज़हब दीवार नहीं एक पुल है जो रिश्तों को जोड़ सकता है।

सोचिए

अगर इसी तरह प्यार और मोहब्बत से हिंदू मुस्लिम एक साथ चलें तो यह देश कहाँ से कहाँ पहुँच सकता है।

भारत की मिट्टी ने कभी नफ़रत नहीं सिखाई।
यहाँ मंदिरों की घंटियों और मस्जिदों की अज़ानों ने सदियों से एक ही आसमान के नीचे सांस ली है।
गंगा और जमुना ने कभी यह नहीं पूछा कि किनारे कौन सा मज़हब खड़ा है उन्होंने सबको जीवन दिया।
दुख इस बात का है कि जो लोग ऊँचे पदों पर बैठे हैं
जिनके एक इशारे से हवा का रुख बदल सकता है अगर वही लोग सबसे पहले यह पहल करते तो आज देश की तस्वीर कुछ और होती। लेकिन देर अब भी नहीं हुई है आज भी अगर नेतृत्व यह कह दे कि मेरा देश पहले है, मज़हब बाद में तो नफ़रत की राजनीति

अपने आप दम तोड़ देगी।जब हिंदू, मुसलमान सिख, ईसाई एक-दूसरे का हाथ थामकर चलेंगे तो रोज़गार बढ़ेगा, शिक्षा मजबूत होगी गरीबी पीछे हटेगी और भारत आगे बढ़ेगा देश तब महान नहीं बनता
जब हम एक दूसरे को नीचा दिखाते हैं देश तब महान बनता है
जब हम एक दूसरे को गले लगाते हैं।

आज ज़रूरत है

CM Yogi & Mohammad Azam Khan
CM Yogi & Mohammad Azam Khan

गीता और क़ुरान को आमने सामने खड़ा करने की नहीं,
बल्कि उन्हें एक ही दिल में बसाने की।
अगर यह पहल आज हो जाए तो आने वाली पीढ़ियाँ कहेंगी हमने नफ़रत नहीं हमने मोहब्बत से बना हुआ भारत देखा था।

यही भारत की असली जीत होगी।
यही सच्चा राष्ट्रधर्म है। 

बरहाल देश को बचाने की ज़िम्मेदारी वैसे तो सभी की है

लेकिन अगर कुछ मखसूस चेहरे जो ऊंचे पदों पर मौजूद हैं वो चाहे तो देश के हालात खराब होने से बचा सकते हैं
क्योंकि अभी देश इतना खराब हुआ नहीं है ।

अपनी ज़िम्मेदारी को निभाए ताकि मेरा ये देश आपका ये देश हम सबका देश फिर से सोने की चिड़िया बन पाए ओर इस तरहां की खूबसूरत तस्वीर कभी कभी नहीं हर रोज़ सामने आए ।
💥 हिंदुस्तान ज़िंदाबाद 💥

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